Islamabad/Kabul — रविवार (22 फरवरी 2026) को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमान्त क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले और स्ट्राइक ऑपरेशन चलाए, जिसमें दुश्मन ठिकानों पर बमबारी के साथ-साथ कथित आतंकवादी गढ़ों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई उन आतंकवादी घटनाओं के बाद की गई है जिनमें पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों को नुकसान पहुँचा था।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन सूचना-आधारित हवाई हमले (intelligence-based strikes) थे, जिनमें 7 आतंकवादी ठिकानों, साथी गुटों और विस्फोटक नेटवर्क के गढ़ों को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई “हाल के आत्मघाती और घातक बम हमलों के जवाब में की गई है, जिसमें सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया।
🔥 प्रमुख घटनाक्रम: आज क्या हुआ
✈️ एयरस्ट्राइक और हवाई हमले
• पाकिस्तान ने अफगान सीमा के निकट स्थित कई इलाकों पर विमानों से हमला किया, जिसमें वह दावा करता है कि आतंकवादी गढ़ों और संगठनों के ठिकानों को तबाह किया गया।
• रिपोर्टों में कहा गया है कि इन हवाई हमलों में आतंकवादियों के साथ-साथ कुछ आम नागरिकों सहित महिलाएँ और बच्चे भी प्रभावित हुए, जिनमें दर्जनों लोग घायल या मारे गए हैं।
• अफगान अधिकारियों ने इन हमलों को घाटी के अंदर घुसपैठ और संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
🎯 आतंकवादी गढ़ों को निशाना
पाकिस्तानी सेना का दावा है कि मुख्य लक्ष्यों में:
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Tehreek-i-Taliban Pakistan (TTP) के गढ़
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Fitna al-Khawarij नामक समूह की संरचनाएं
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*Islamic State Group से संबन्धित नेटवर्क
उम्मीद है कि इन्हें तबाह किया गया।
युद्धरत टीके के समर्थन में जारी बयान में कहा गया कि इन समूहों का संचालन और योजनाओं का नेतृत्व अफगानस्तानी क्षेत्रों से होता रहा है, जिससे पाकिस्तान के खिलाफ कई आत्मघाती हमलों की साजिश रची गई।
📈 इस हमले के पीछे की पृष्ठभूमि
🪖 पाकिस्तान में आतंकवाद का बढ़ता संकट
पाकिस्तानी सरकार का मानना है कि आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि अफगानिस्तान में सक्रिय मदरअस्थलों के कारण हुई है और इन्हीं समूहों ने पाकिस्तान के अंदर सुरक्षा बलों और नागरिकों पर कई घातक हमले किए हैं।
विशेष रूप से बाजौर जिले में हुए आत्मघाती हमले ने पाकिस्तान को कड़ा रुख लेने के लिए प्रेरित किया था, जिसमें 11 सैनिक और एक नागरिक की मौत हो गई थी।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सरकार से आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की बार-बार माँग की थी, लेकिन कथित रूप से उस दिशा में “उचित जवाबदेही या कार्रवाई” नहीं मिली।
अफगानिस्तान का रुख और प्रतिक्रिया
अफगान अधिकारियों और मीडिया का कहना है कि ये हवाई हमले निरीह नागरिकों को निशाना बनाते हैं और इससे सीमा के उस पार स्थित आम जनता की जान चली गई है।
अफगानिस्तान के सरकारी प्रवक्ता ने इन हमलों को घोर उल्लंघन कहा है, और कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करके खुद को वैधता से बाहर कर दिया है।
काबुल ने यह भी आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई राजनयिक वार्ता और शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों को कमजोर करती है, और यह क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाली है।
🌍 क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा संकट
इस नवीनतम सर्जिकल कार्रवाई से एक बड़ा राजनैतिक और सुरक्षा संकट उभर रहा है:
📌 ✈️ संघर्ष की बढ़ती धार
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर संघर्ष पिछले कुछ वर्षों से उच्च तनाव की स्थिति में है। दोनों देशों के बीच नियमित रूप से सीमा झड़पें, एयरस्ट्राइक और गोलाबारी के आदान-प्रदान जैसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं।
📌 आतंकवादी गुटों का असर
दोनों देशों में सक्रिय आतंकवादी गुट, जैसे TTP, Fitna al-Khawarij और ISIS-KP (Islamic State Khorasan Province), इस क्षेत्र में अस्थिरता के प्रमुख कारण बने हुए हैं। इन्हीं समूहों पर कार्रवाई को लेकर अक्सर दोनों सरकारों की नीतियाँ अलग-अलग रहती हैं।
📌 अंतरराष्ट्रीय चिंता
मीडिया और विश्लेषक इस बात की चिंता जता रहे हैं कि यह संघर्ष कहीं बड़े युद्ध में न बदल जाए, और इसका असर सिर्फ सीमांत क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा रणनीति, आप्रवासन और वैश्विक आतंकवाद के रुख पर भी पड़ेगा। (Expert viewpoints collected from multiple sources)
📊 ताजा आंकड़े और प्रभाव
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🌐 मार्ड या घायल: आज के हमलों में “दर्जनों” नागरिकों की मौत और मल्टीपल घायल होने की खबरें हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल बताए गए हैं।
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🛡️ आतंकवादी गढ़ों पर हमला: पाकिस्तानी सेना का कहना है कि कुल 7 ठिकानों पर सटीक ढंग से बमबारी की गई।
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🤝 कूटनीतिक तनाव: काबुल सरकार ने कड़ी निंदा की है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में और तनाव की संभावना बढ़ी है।
