26 हजार का थूक! 86 साल के बुजुर्ग के मुंह में गई पत्ती पर लगा जुर्माना – पूरा मामला हैरान करने वाला

26 हजार का थूक! 86 साल के बुजुर्ग के मुंह में गई पत्ती पर लगा जुर्माना

26 हजार का थूक! 86 साल के बुजुर्ग

यूके में रहने वाले 86 वर्षीय बुजुर्ग रॉय मार्श इन दिनों चर्चा में हैं। एक साधारण सी पत्ती की वजह से उन पर ₹26,000 (लगभग £250) का भारी-भरकम जुर्माना लगा दिया गया। सच में यह बात सुनकर लगता है कि कहीं कोई मजाक तो नहीं कर रहा! एक छोटी-सी घटना कैसे किसी बुजुर्ग के लिए तनाव और परेशानी का कारण बन गई, यह खबर पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रही है।

क्या हुआ था उस दिन?

रॉय मार्श लिंकनशायर (यूके) के निवासी हैं और रोज की तरह टहलने (वॉक) के लिए निकले थे। मौसम में हल्की तेज हवा चल रही थी। हवा का एक झोंका आया और एक सूखी पत्ती उड़कर सीधे उनके मुंह में चली गई। रॉय की उम्र 86 साल है और उन्हें अस्थमा की समस्या भी है। इसलिए वह पत्ती को मुंह में रोक नहीं पाए और तुरंत थूक दिया।  और भी

लेकिन उन्हें बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि ये मामूली-सी पत्ती उनकी जेब पर इतना भारी पड़ने वाली है।

आइए जानते हैं कि आखिर हुआ क्या था:

बात यह है कि हवा के झोंके से एक पत्ती उनके मुंह में चली गई

टहलते हुए रॉय के मुंह में अचानक पत्ता चला गया।

✔ 2. अस्थमा के कारण रोक नहीं पाए

स्वास्थ्य समस्या के कारण वह पत्ती को मुंह में नहीं रोक सके और तुरंत थूक दिया।

✔ 3. थूकना ही बना “पर्यावरण अपराध”

वहां के नियम कानून के हिसाब से सड़क पर थूकना गलत माना जाता है।

✔ 4. £250 यानी ₹26,000 का चालान

अधिकारीयों ने शिकायत मिलने के बाद उन पर £250 का जुर्माना लगा दिया।

✔ 5. जुर्माना घटकर £150 किया गया

अपील के बाद जुर्माना कम हुआ, लेकिन उन्हें £150 (करीब ₹15,600) भरने पड़े।

✔ 6. बुजुर्ग अब बाहर निकलने से डरते हैं

मार्श का कहना है कि अब उन्हें हर बार बाहर जाते हुए डर लगता है कि कहीं कोई सामान्य हरकत भी भारी न पड़ जाए।

रॉय मार्श की नाराज़गी—“थोड़ी समझदारी दिखानी चाहिए थी”

86 साल के बुजुर्ग के मुंह में गई पत्ती पर लगा जुर्माना
86 साल के बुजुर्ग के मुंह में गई पत्ती पर लगा जुर्माना

रॉय का कहना है कि अधिकारियों को मामले को समझकर फैसला लेना चाहिए था। और भी

उनके मुताबिक:

  • यह जानबूझकर किया गया कृत्य नहीं था।
  • अस्थमा के कारण पत्ती मुंह में रोकना संभव नहीं था।
  • उन्हें चेतावनी या माफी मांगने का विकल्प दिया जाना चाहिए था।
  • मार्श ने यह भी कहा कि वह अब बाहर जाने से पहले कई बार सोचते हैं कि कहीं किसी छोटी-सी गलती पर फिर भारी चालान न लग जाए

🔍 क्यों लगा इतना भारी चालान?

स्केगनेस में सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के लिए कड़े पर्यावरण नियम लागू हैं। किसी भी प्रकार का कूड़ा, थूक या गंदगी फैलाना अपराध की श्रेणी में आता है। लेकिन इस मामले में यह घटना अनजाने में हुई थी, जिसकी वजह से पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया।

इस पूरे मामले से हमें क्या सीखना चाहिए?

  • सार्वजनिक स्थानों के नियमों का पालन जरूरी है।
  • कई जगहों पर पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े नियम बहुत कड़े होते हैं।
  • किसी भी कार्रवाई से पहले अधिकारियों द्वारा परिस्थितियों को समझना भी उतना ही आवश्यक है।
  • बुजुर्गों के साथ तो थोड़ी नरमी बरतनी चाहिए, खासकर जब वे बीमार हों।