RBI की गोल्ड शॉपिंग ने बदली तस्वीर! जानें फॉरेक्स रिजर्व के चौंकाने वाले आंकड़े और गिरावट का कारण

RBI की गोल्ड शॉपिंग ने बदली तस्वीर

RBI की ‘गोल्ड शॉपिंग’ से फॉरेक्स रिजर्व में उछाल: चौंकाने वाले आंकड़े

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड की रणनीतिक खरीदारी के कारण भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) एक बार फिर बढ़ गया है।

अगर आरबीआई ने सोने की खरीदारी में सक्रियता न दिखाई होती, तो देश के कुल फॉरेक्स रिजर्व के आंकड़े एक अलग कहानी बयां कर रहे होते। जारी आंकड़ों से पता चलता है कि नॉन-डॉलर फॉरेन करेंसी असेट्स (FCA) में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन गोल्ड रिजर्व में भारी इजाफा हुआ है, जिसके कारण कुल फॉरेक्स रिजर्व में बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि पिछले लगातार दो हफ्तों की गिरावट के बाद दर्ज की गई है।

फॉरेक्स रिजर्व के मुख्य आंकड़े (5 दिसंबर को समाप्त सप्ताह)

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को बताया कि 5 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति निम्नलिखित रही: link

कुल विदेशी मुद्रा भंडार: यह 1.033 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 687.26 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।

पिछला सप्ताह: इससे ठीक पहले के रिपोर्टिंग सप्ताह में, फॉरेक्स रिजर्व 1.877 अरब अमेरिकी डॉलर घटकर 686.227 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया था।

लगातार गिरावट के बाद सुधार: यह बढ़ोतरी इसलिए खास है क्योंकि इससे पहले के लगातार दो हफ्तों में फॉरेक्स रिजर्व में करीब 6 अरब डॉलर की गिरावट देखने को मिली थी।

फॉरेन करेंसी असेट्स (FCA) में गिरावट

फॉरेन करेंसी असेट्स (FCA) विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख घटक हैं। इस श्रेणी के आंकड़े बताते हैं कि आरबीआई ने हाल के दिनों में किस तरह से बाजार में हस्तक्षेप किया है:

मूल्य में कमी: 5 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के लिए, FCA 151 मिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 556.88 अरब अमेरिकी डॉलर रह गई।

गिरावट का कारण: डॉलर के संदर्भ में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का प्रभाव शामिल होता है।

रुपये को सहारा: FCA में गिरावट का एक मुख्य कारण यह भी माना जा रहा है कि RBI ने रुपये को समर्थन देने और उसकी अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए फॉरेन करेंसीज का काफी उपयोग किया है, जिससे FCA में कमी आई है। link

गोल्ड रिजर्व में बंपर बढ़ोतरी: संकटमोचक बनी ‘गोल्ड शॉपिंग’

फॉरेक्स रिजर्व में हुई कुल बढ़ोतरी का श्रेय मुख्य रूप से गोल्ड रिजर्व में हुए इजाफे को जाता है:

रिकॉर्ड वृद्धि: सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.188 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 106.984 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। गोल्ड रिजर्व में हुई यह बंपर वृद्धि FCA में हुई गिरावट की भरपाई करने में महत्वपूर्ण साबित हुई, जिससे कुल फॉरेक्स रिजर्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

आरबीआई की 'गोल्ड शॉपिंग' से फॉरेक्स रिजर्व में उछाल

अन्य आरक्षित संपत्तियों की स्थिति:

विशेष आहरण अधिकार (SDR): SDR में 93 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 18.721 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

आईएमएफ आरक्षित स्थिति (IMF Reserve Position): रिपोर्टिंग सप्ताह में आईएमएफ के साथ भारत की आरक्षित स्थिति में 97 मिलियन अमेरिकी डॉलर की गिरावट आई और यह घटकर 4.675 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।

कुल मिलाकर, ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि वैश्विक बाजार की अस्थिरता और रुपये को स्थिर रखने के प्रयासों के बीच, आरबीआई की गोल्ड खरीदारी की रणनीति ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मज़बूती प्रदान करने में निर्णायक भूमिका निभाई है।