‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंची हवा: भारत ने दिल्ली वायु प्रदूषण रोकने के लिए उठाए कड़े कदम
भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में दिल्ली वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर संकट बनकर सामने आया है। हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट के बाद, भारत सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सबसे कड़े कदम उठाए हैं। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में दर्ज की गई।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की स्थिति
वर्तमान स्थिति (रविवार): दिल्ली के कई निगरानी स्टेशनों पर आधिकारिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 से अधिक दर्ज किया गया।
शनिवार की स्थिति: यह सूचकांक 430 था।
सीज़न का सबसे खराब स्तर: यह इस सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे उच्चतम और सबसे खराब प्रदूषण स्तर है।
तुलना: CPCB के अनुसार, 50 से नीचे की रीडिंग को “अच्छा” माना जाता है।
‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) का चौथा चरण (Stage IV) लागू
दिल्ली वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए, ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने शनिवार शाम को ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) के चौथे और सर्वोच्च स्तर को दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। यह कदम भारत के पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी एक सलाह के बाद उठाया गया है।
GRAP-4 के तहत लगाई गईं महत्वपूर्ण पाबंदियां (हाईलाइटेड):
‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ का चौथा चरण लागू होते ही, क्षेत्र में निम्नलिखित कड़े प्रतिबंध लागू हो गए हैं:
पुरानी डीज़ल गाड़ियों पर बैन: सड़कों पर पुराने डीजल ट्रकों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
निर्माण गतिविधियों पर रोक: सार्वजनिक परियोजनाओं सहित सभी प्रकार के निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
हाइब्रिड स्कूलिंग: शिक्षा प्रणाली में हाइब्रिड स्कूलिंग लागू करने का प्रावधान है, जिसका अर्थ है कि कक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से संचालित की जा सकती हैं ताकि बच्चों का बाहर निकलना कम हो सके।
सर्दियों में दिल्ली वायु प्रदूषण के कारण और प्रभाव
लगभग 30 मिलियन लोगों का घर, यह क्षेत्र सर्दियों के महीनों में अक्सर घने स्मॉग (Smog) की चपेट में रहता है। दिल्ली वायु प्रदूषण का यह गंभीर स्तर विभिन्न कारकों का परिणाम है:
- ठंडी और घनी हवा: सर्दियों में ठंडी और घनी हवा प्रदूषकों को ज़मीन के पास फंसा लेती है, जिससे उनका फैलाव रुक जाता है।
- उत्सर्जन के स्रोत:
- वाहनों से निकलने वाला धुआँ (Emissions from vehicles)।
- निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल (Construction dust)।
- पड़ोसी राज्यों में फसल जलाने (Crop burning) से निकलने वाला धुआँ।
- वर्तमान गिरावट का कारण: कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के अनुसार, वर्तमान गिरावट उच्च नमी (High Moisture) और हवा की दिशा में बदलाव के कारण हुई है, जो प्रदूषकों के फैलाव को रोकती है और स्मॉग निर्माण को बढ़ावा देती है।
स्वास्थ्य जोखिम और नागरिकों के लिए सलाह
दिल्ली वायु प्रदूषण का यह स्तर दुनिया के सबसे ऊंचे प्रदूषण स्तरों में से एक है, जो निवासियों को गंभीर श्वसन जोखिमों (Severe Respiratory Risks) में डालता है। अधिकारियों ने नागरिकों से निम्नलिखित अपील की है:
- घर के अंदर रहें: निवासियों से आग्रह किया गया है कि वे घर के अंदर ही रहें, खासकर बच्चे और श्वसन या हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग।
- मास्क का उपयोग करें: यदि बाहर निकलना आवश्यक हो, तो मास्क का उपयोग करने पर विचार करें।
निष्कर्ष: दिल्ली वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए लगाए गए ये कड़े प्रतिबंध एक तात्कालिक प्रतिक्रिया हैं। हालांकि, इस मौसमी संकट के स्थायी समाधान के लिए वाहनों के प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन और फसल जलाने जैसी समस्याओं पर साल भर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
